देवली के चन्द्रप्रभु अग्रवाल दिगम्बर जैन मंदिर में चल रहे अष्ठानिका महामण्डल विधान एवंविश्वशांति महायज्ञ का भक्ति-भाव के साथ समापन हुआ। अनुष्ठान के अंतर्गत 8 दिन तक सिद्ध भगवन्तों की आराधना एवम पूजा अर्चना की गई।
युवा परिषद के प्रवक्ता विकास जैन (टोरडी) ने बताया कि विधान के अंतिम दिवस पर मन्दिर जी मे प्रातः श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा एवं तत्पश्चात भक्तामर महामण्डल विधान की पूजा-अर्चना सागर से आये पण्डित स्वपनिल शास्त्री एवं संगीतकार पुष्पेंद्र जैन टीकमगढ़ द्वारा सम्पन्न करवाई गई। चन्द्रप्रभु जैन मंदिर में श्री जी की वेदी पर नया चँदवा ओमप्रकाश टोरडी वाले परिवार की तरफ से एवं 64 चँवर समाज की महिलाओं द्वारा चढ़ाए गये। अष्ठानिका विधान के पुण्यार्जक नेमीचंद जैन परिवार अध्यक्ष नगर पालिका देवली रहे। सम्पूर्ण कार्यक्रम के पश्चात भगवान को विधिविधान के साथ विधान मण्डप से पुनः मूल वेदी में विराजमान किया गया। कार्यक्रम में समाज के अनेक साधर्मी महिलाओं पुरुषों ने विधानर्चना कर सातिशय पूण्य का संचय किया।
अष्टानिका महापर्व का विश्वशांति महायज्ञ के साथ समापन, वेदी पर चँदवा एवं 64 चँवर चढ़ाए

